बागपत में SP का बड़ा एक्शन: टटीरी चौकी इंचार्ज समेत सभी 14 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, छात्रों के बवाल में लापरवाही पर गिरी गाज
बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत में छात्र गुटों के बीच विवाद के मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। टटीरी पुलिस चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज समेत सभी 14 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसपी की जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। मामला दशहरे के दिन दो छात्र गुटों के बीच हुए विवाद से जुड़ा है, जो अगले दिन कॉलेज में बड़े बवाल में बदल गया था।
शिकायत और वीडियो वायरल होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, दशहरे के दिन दो छात्र गुटों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इस मामले में शिकायत भी की गई और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। आरोप है कि टटीरी चौकी पुलिस ने शिकायत और वीडियो सामने आने के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
मामले में पुलिस की कथित निष्क्रियता का नतीजा यह हुआ कि अगले दिन दोनों छात्र गुट एक बार फिर आमने-सामने आ गए। इस बार विवाद ने गंभीर रूप ले लिया और कॉलेज परिसर में जमकर बवाल हुआ।
लाठी-डंडे और फावड़े लेकर कॉलेज पहुंचे अभिभावक
अगले दिन कॉलेज में दोनों छात्र गुटों के बीच दोबारा भिड़ंत होने के बाद उनके अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे और फावड़े लेकर कॉलेज पहुंचे थे। इसके बाद परिसर में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई।
अचानक हुए इस बवाल से कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई। मारपीट में कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 71 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
एसपी की जांच में सामने आई पुलिस की लापरवाही
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले की जांच कराई। जांच में टटीरी चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की ओर से बरती गई लापरवाही सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई की गई।
22 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, टटीरी पुलिस चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों सहित कुल 14 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है। आदेश में संबंधित पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन रवाना करने और अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कार्रवाई में महिला उपनिरीक्षक सीमा सिंह और उपनिरीक्षक आलोक कुमार समेत चौकी पर तैनात अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं।
समय रहते कार्रवाई होती तो टल सकता था बवाल?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब दशहरे के दिन ही छात्र गुटों के बीच झगड़ा हुआ था और शिकायत के साथ वीडियो भी सामने आ गया था, तो समय रहते सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई? अगले दिन विवाद दोबारा भड़कने और अभिभावकों के कॉलेज पहुंचने से स्थिति गंभीर हो गई।
एसपी की कार्रवाई से स्पष्ट है कि मामले में पुलिस की भूमिका की जांच को गंभीरता से लिया गया। अब इस प्रकरण में दर्ज मुकदमे के तहत आगे की कार्रवाई और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर नजर रहेगी।
बागपत में हुई इस कार्रवाई ने पुलिसकर्मियों की जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत मिलने के बाद समय पर कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी है, ताकि छोटे विवाद बड़े संघर्ष में न बदलें।
बागपत: लाइन हाजिर किए गए 14 पुलिसकर्मियों की सूची
आदेश दिनांक 22 अक्टूबर 2026 में दी गई सूची के अनुसार, टटीरी पुलिस चौकी से पुलिस लाइन भेजे गए पुलिसकर्मियों के नाम इस प्रकार हैं:
| क्रम संख्या | पुलिसकर्मी का नाम | पद |
|---|---|---|
| 1 | सीमा सिंह | महिला उपनिरीक्षक (SI) |
| 2 | आलोक कुमार | उपनिरीक्षक (SI) |
| 3 | कमल | मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) |
| 4 | कैलाश | मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) |
| 5 | शिवदत्त | मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) |
| 6 | कन्हैया लाल | मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) |
| 7 | राकेश कुमार | मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) |
| 8 | करतार सिंह | मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) |
| 9 | रामकुमार | मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) |
| 10 | गजेंद्र सिंह | मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) |
| 11 | विपिन कुमार | मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) |
| 12 | अभिषेक | कांस्टेबल |
| 13 | विशाल पंवार | कांस्टेबल |
| 14 | लवकुश | कांस्टेबल |
