कौन हैं मेरठ SSP बीबीजीटीएस मूर्ति? तिरुपति में जन्म, BTech-MBA के बाद बने IPS अफसर, जानिए पूरी जीवनी
कौन हैं मेरठ SSP बीबीजीटीएस मूर्ति?
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बीबीजीटीएस मूर्ति इन दिनों चर्चा में हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक आरोपी को पेश करने से जुड़े मामले में उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ा। कोर्ट ने उन्हें सुनवाई के दौरान शाम 4 बजे तक मौजूद रहने का निर्देश दिया और भविष्य में सतर्क रहने की चेतावनी दी। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर लोगों की दिलचस्पी इस IPS अधिकारी की व्यक्तिगत जिंदगी, शिक्षा और पुलिस करियर को लेकर बढ़ गई है।
बीबीजीटीएस मूर्ति 2015 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी हैं। उनका जन्म आंध्र प्रदेश के तिरुपति में हुआ था। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक और मार्केटिंग में MBA की पढ़ाई की। पुलिस सेवा में आने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिम्मेदारी संभाली। कासगंज में माफिया के खिलाफ कार्रवाई से लेकर झांसी में SSP के पद पर तैनाती तक उनका करियर कई महत्वपूर्ण पड़ावों से गुजरा है।
कौन हैं IPS बीबीजीटीएस मूर्ति? जानिए एक नजर में
बीबीजीटीएस मूर्ति के बारे में प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:
- पूरा नाम: बीबीजीटीएस मूर्ति
- पेशा: भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी
- बैच: 2015
- कैडर: उत्तर प्रदेश
- जन्म तिथि: 12 फरवरी 1985
- जन्म स्थान: तिरुपति, आंध्र प्रदेश
- शैक्षणिक योग्यता: कंप्यूटर साइंस में BTech और मार्केटिंग में MBA
- मूल भाषा: तेलुगु
- प्रमुख पद: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), मेरठ
- पूर्व प्रमुख तैनाती: गाजियाबाद, कासगंज, कानपुर देहात, लखनऊ और झांसी
- विशेष पहचान: अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई तथा पारंपरिक भारतीय परिधान को लेकर चर्चा
- प्रमुख सम्मान: DG Commendation Disc Silver, Gold और Platinum
तिरुपति में जन्म, हैदराबाद में हुई पढ़ाई
बीबीजीटीएस मूर्ति का जन्म 12 फरवरी 1985 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति में हुआ था। उनकी शिक्षा हैदराबाद में हुई। तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की योग्यता हासिल करने के बाद उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने मार्केटिंग में MBA किया।
तकनीकी शिक्षा और प्रबंधन की पढ़ाई के बाद उन्होंने सिविल सेवा का रास्ता चुना। UPSC की सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा में हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस प्रशिक्षण प्राप्त किया और उत्तर प्रदेश कैडर में अपनी सेवाएं शुरू कीं।
उनकी मूल भाषा तेलुगु है। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने हिंदी भी सीखी, जिससे उत्तर प्रदेश में अपनी जिम्मेदारियां निभाने में मदद मिली।
UPSC के जरिए IPS बने बीबीजीटीएस मूर्ति
बीबीजीटीएस मूर्ति का चयन वर्ष 2015 में भारतीय पुलिस सेवा में हुआ था। वह उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। IPS बनने के बाद उन्हें अलग-अलग पदों पर काम करने का अवसर मिला। शुरुआती तैनाती से लेकर जिला पुलिस प्रमुख की जिम्मेदारी तक उन्होंने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
उनके करियर की प्रमुख विशेषताओं में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराध नियंत्रण और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जैसे काम शामिल रहे हैं।
गाजियाबाद से शुरू हुआ पुलिस सेवा का सफर
बीबीजीटीएस मूर्ति को IPS अधिकारी बनने के बाद शुरुआती पोस्टिंग गाजियाबाद में मिली थी। इसके बाद उनका कार्यक्षेत्र उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों और पुलिस इकाइयों तक फैला।
उनकी प्रमुख तैनातियों का विवरण इस प्रकार है:
- गाजियाबाद: पुलिस सेवा के शुरुआती दौर में तैनाती।
- कासगंज: पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान माफिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहे।
- कानपुर देहात: जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में काम किया।
- लखनऊ: इंटेलिजेंस इकाई में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी निभाई।
- झांसी: अप्रैल 2025 में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती मिली।
- मेरठ: झांसी के बाद मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इन तैनातियों के दौरान उन्हें अलग-अलग तरह की पुलिस चुनौतियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर काम करने का अनुभव मिला।
कासगंज में माफिया की संपत्ति जब्त करने से आए चर्चा में
बीबीजीटीएस मूर्ति के पुलिस करियर में कासगंज की तैनाती को एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, कासगंज में SP रहते हुए उन्होंने अपराधियों और माफिया के खिलाफ अभियान चलाया था।
इसी दौरान माफिया नफीस अहमद उर्फ कालिया की 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त किए जाने की कार्रवाई चर्चा में आई थी। इस कार्रवाई को अपराधियों की अवैध संपत्तियों के खिलाफ पुलिस अभियान के तौर पर देखा गया।
हालांकि, ऐसी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई से जुड़ी सटीक राशि और कानूनी स्थिति के लिए संबंधित पुलिस विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड का मिलान किया जाना चाहिए।
झांसी के SSP से मेरठ की कमान तक
अप्रैल 2025 में बीबीजीटीएस मूर्ति को झांसी का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाया गया था। वहां जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्हें मेरठ का SSP नियुक्त किया गया।
मेरठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण जिला है। यहां कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और संवेदनशील मामलों में पुलिस की भूमिका काफी अहम रहती है। ऐसे जिले में SSP की जिम्मेदारी संभालना किसी भी पुलिस अधिकारी के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व होता है।
मेरठ में उनकी तैनाती के दौरान पारंपरिक पहनावे, सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी और हालिया हाईकोर्ट प्रकरण को लेकर वे सुर्खियों में रहे।
धोती-कुर्ता पहनकर मेरठ पहुंचे तो हुई चर्चा
बीबीजीटीएस मूर्ति मेरठ में पदभार संभालने के दौरान धोती-कुर्ता पहनकर सर्किट हाउस पहुंचे थे। उनका यह पारंपरिक पहनावा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
किसी ने उनके पहनावे को भारतीय संस्कृति से जुड़ाव बताया तो किसी ने उनकी सादगी की तारीफ की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया था कि यह कोई प्रचार की योजना नहीं थी। उन्होंने बताया कि सुबह एक धार्मिक अनुष्ठान के कारण उन्होंने पारंपरिक कपड़े पहने थे और फिर उन्हीं कपड़ों में मेरठ पहुंच गए।
इस घटना के बाद उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब साझा की गईं।
दीपोत्सव में नंगे पैर दीप जलाने का वीडियो भी चर्चा में रहा
मेरठ के सूरजकुंड पार्क में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में भी बीबीजीटीएस मूर्ति का अंदाज चर्चा में आया। कार्यक्रम में उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित करने से पहले अपने जूते उतार दिए और नंगे पैर रंगोली के बीच जाकर दीप जलाया।
इस दौरान उन्होंने बैंगनी रंग का कुर्ता और सफेद धोती पहन रखी थी। कार्यक्रम में मौजूद अन्य अधिकारियों के मुकाबले उनका पारंपरिक पहनावा अलग दिखाई दिया। उनकी इस तस्वीर और वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया गया।
जन्माष्टमी समारोह में परिवार के साथ किया डांस
पुलिस लाइन में आयोजित जन्माष्टमी समारोह के दौरान बीबीजीटीएस मूर्ति अपने परिवार के साथ डांस करते नजर आए थे। पीले कुर्ते में उनके डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
आमतौर पर पुलिस अधिकारियों की पहचान उनके प्रशासनिक कामकाज और वर्दी से होती है, लेकिन इस कार्यक्रम में उनका पारिवारिक और सांस्कृतिक पक्ष भी सामने आया। इसी वजह से यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।
ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह में IPS अधिकारियों के साथ सेल्फी
मेरठ में आयोजित ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह के दौरान भी बीबीजीटीएस मूर्ति की एक तस्वीर चर्चा में रही। इस अवसर पर उन्होंने अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ सेल्फी ली थी।
तस्वीर में मेरठ के DIG कलानिधि नैथानी, SP ग्रामीण अभिजीत कुमार सिंह और SP क्राइम अवनीश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी नजर आए। पुलिस अधिकारियों की इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा किया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्यों पेश हुए मेरठ SSP?
बीबीजीटीएस मूर्ति के चर्चा में आने की हालिया वजह मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एक महिला ने नितीश उर्फ सिद्धांत उर्फ सेठी पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
मामले में आरोपी ने हाईकोर्ट में महिला से शादी करने का वादा करते हुए जमानत मांगी थी। अदालत ने 18 मार्च 2026 को उसे जमानत दे दी। बाद में आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद महिला ने अदालत का रुख किया।
28 सितंबर 2026 को आरोपी को पेश करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। आरोप है कि पुलिस ने उसे हाईकोर्ट में पेश करने के बजाय मेरठ की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत में पेश कर दिया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इसके बाद हाईकोर्ट ने मेरठ SSP को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने महिला से शादी करने से इनकार कर दिया। अदालत ने उसकी जमानत रद्द कर दी और उसे जेल भेजने का आदेश दिया।
पुलिस की ओर से बताया गया कि SSP 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अवकाश पर थे और उनके अधीनस्थों से चूक हुई थी। अदालत ने कहा कि वारंट के निष्पादन की जिम्मेदारी SSP की थी। इसी मामले में उन्हें सुनवाई के दौरान शाम 4 बजे तक अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया और भविष्य में सतर्क रहने की चेतावनी दी गई।
अदालत ने इस मामले में मेरठ के CJM की भूमिका पर भी गंभीर आपत्ति जताई और आदेश की प्रति प्रशासनिक न्यायाधीश के समक्ष रखने का निर्देश दिया, ताकि उचित प्रशासनिक कार्रवाई पर विचार किया जा सके।
बीबीजीटीएस मूर्ति को मिले पुलिस विभाग के प्रमुख सम्मान
पुलिस सेवा के दौरान बीबीजीटीएस मूर्ति को विभागीय सम्मान भी मिले हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें निम्नलिखित सम्मान प्राप्त हुए:
- 2022 — DG Commendation Disc Silver
- 2023 — DG Commendation Disc Gold
- 2025 — DG Commendation Disc Platinum
ये सम्मान पुलिस सेवा में कार्य और योगदान के लिए दिए जाने वाले विभागीय सम्मानों में शामिल हैं। हालांकि, प्रत्येक सम्मान के लिए आधिकारिक प्रशस्ति-पत्र या विभागीय रिकॉर्ड से विवरण की पुष्टि की जा सकती है।
बीबीजीटीएस मूर्ति की जीवनी: मुख्य बातें
बीबीजीटीएस मूर्ति की कहानी तकनीकी शिक्षा से शुरू होकर भारतीय पुलिस सेवा तक पहुंचने का सफर है। कंप्यूटर साइंस में बीटेक और मार्केटिंग में MBA करने के बाद उन्होंने UPSC के जरिए IPS चुना। उत्तर प्रदेश में विभिन्न पदों पर काम करते हुए वे कासगंज, कानपुर देहात, लखनऊ और झांसी जैसे स्थानों पर तैनात रहे।
कासगंज में माफिया के खिलाफ कार्रवाई, मेरठ में पारंपरिक पहनावे को लेकर चर्चा और अब हाईकोर्ट से जुड़े मामले ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। उनके करियर का आकलन केवल वायरल तस्वीरों या किसी एक घटना के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी आधिकारिक जिम्मेदारियों, कार्यों और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना चाहिए।
1. बीबीजीटीएस मूर्ति कौन हैं?
बीबीजीटीएस मूर्ति 2015 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी हैं। लेख में उन्हें मेरठ का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बताया गया है।
2. बीबीजीटीएस मूर्ति का जन्म कब और कहां हुआ था?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका जन्म 12 फरवरी 1985 को तिरुपति, आंध्र प्रदेश में हुआ था।
3. बीबीजीटीएस मूर्ति कितने पढ़े-लिखे हैं?
उन्होंने कंप्यूटर साइंस में BTech और मार्केटिंग में MBA की डिग्री हासिल की है।
4. बीबीजीटीएस मूर्ति किस बैच के IPS अधिकारी हैं?
वह 2015 बैच के IPS अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर में सेवाएं देते हैं।
5. बीबीजीटीएस मूर्ति की पहली पोस्टिंग कहां हुई थी?
आपके दिए गए विवरण के मुताबिक, IPS बनने के बाद उनकी शुरुआती पोस्टिंग गाजियाबाद में हुई थी।
6. बीबीजीटीएस मूर्ति किन जिलों में तैनात रह चुके हैं?
वह गाजियाबाद, कासगंज, कानपुर देहात और झांसी जैसे जिलों में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने लखनऊ में इंटेलिजेंस इकाई में भी जिम्मेदारी संभाली थी।
7. बीबीजीटीएस मूर्ति मेरठ के SSP बनने से पहले कहां तैनात थे?
मेरठ में तैनाती से पहले वह झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) थे। उन्हें अप्रैल 2025 में झांसी भेजा गया था।
8. बीबीजीटीएस मूर्ति को कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें 2022 में DG Commendation Disc Silver, 2023 में Gold और 2025 में Platinum से सम्मानित किया गया था।
9. बीबीजीटीएस मूर्ति धोती-कुर्ता पहनकर क्यों चर्चा में आए थे?
मेरठ में पदभार संभालने के दौरान वह धोती-कुर्ता पहनकर पहुंचे थे। उन्होंने बताया था कि सुबह धार्मिक अनुष्ठान के कारण उन्होंने पारंपरिक कपड़े पहने थे और फिर उन्हीं कपड़ों में मेरठ आ गए।
10. बीबीजीटीएस मूर्ति इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्यों पेश हुए थे?
मेरठ के एक मामले में आरोपी को हाईकोर्ट में पेश करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था, लेकिन पुलिस ने उसे मेरठ की CJM अदालत में पेश कर दिया। इस मामले में हाईकोर्ट ने SSP को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
11. हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत क्यों रद्द की?
उपलब्ध विवरण के अनुसार, आरोपी ने जमानत लेते समय महिला से शादी करने का वादा किया था, लेकिन बाद में इससे इनकार कर दिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी।
12. बीबीजीटीएस मूर्ति का नाम कासगंज में किस कार्रवाई को लेकर चर्चा में आया था?
कासगंज में SP रहते हुए वह माफिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा में आए थे। रिपोर्टों के अनुसार, माफिया नफीस अहमद उर्फ कालिया की 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी इसी दौरान हुई थी।
