चंद्रशेखर आजाद ने CM योगी को दी चुनौती, बोले- बिजनौर की किसी भी सीट पर आ जाओ, हराकर नहीं भेजा तो राजनीति छोड़ दूंगा
अमरोहा में चुनाव प्रचार के दौरान नगीना सांसद का बड़ा बयान, बिजनौर की 8 विधानसभा सीटों को लेकर किया दावा; यूपी की सियासत में बयान की चर्चा तेज।
अमरोहा/बिजनौर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद का एक बयान चर्चा में है। अमरोहा में प्रचार के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती देते हुए कहा कि वह बिजनौर जिले की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं। चंद्रशेखर ने दावा किया कि यदि वह उन्हें हराकर नहीं भेज पाए तो राजनीति छोड़ देंगे।
चंद्रशेखर आजाद ने अपने बयान में कहा, “मैं ऐलान करके कहता हूं। बिजनौर जिले में 2 रिजर्व हैं, 6 जनरल हैं। सीना ठोककर किसी भी सीट पर आ जाएं, अगर हराकर नहीं भेजा तो राजनीति छोड़ दूंगा।”
उनके इस बयान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए सीधी चुनावी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, यह चंद्रशेखर आजाद का राजनीतिक दावा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से इस विशेष चुनौती पर कोई प्रतिक्रिया सामने आने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
बिजनौर की सभी सीटों को लेकर चंद्रशेखर का दावा
चंद्रशेखर आजाद ने बिजनौर जिले की विधानसभा सीटों का जिक्र करते हुए कहा कि जिले में दो सीटें आरक्षित और छह सामान्य श्रेणी की हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इनमें से किसी भी सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी।
उनके बयान से साफ है कि वह अपने राजनीतिक प्रभाव और चुनावी ताकत को लेकर सार्वजनिक रूप से बड़ा दावा कर रहे हैं। इस तरह के बयान उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच राजनीतिक चर्चा को तेज कर सकते हैं।
अमरोहा में प्रचार के दौरान दिया बयान
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद अमरोहा में प्रचार के दौरान कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच बोल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बिजनौर की सीटों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी।
चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी प्रदेश में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है। पार्टी की ओर से वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन और चुनावी तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है।
अब बयान पर किसका जवाब आएगा?
चंद्रशेखर आजाद के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या भाजपा की ओर से इस चुनौती पर कोई प्रतिक्रिया दी जाएगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस बयान को चंद्रशेखर आजाद की चुनावी चुनौती के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अब यह देखना होगा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह बयान कितना महत्व हासिल करता है और विभिन्न राजनीतिक दल इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
