बुलंदशहर में देर रात भरभराकर गिरा दो मंजिला मकान, मलबे में दबे महिला समेत 3 लोग; NDRF ने 3 घंटे के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निकाला
बुलंदशहर में देर रात भरभराकर गिरा दो मंजिला मकान
बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में शुक्रवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। छतारी थाना क्षेत्र के कस्बे में आजाद रोड पर स्थित एक दो मंजिला निर्माणाधीन मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मकान गिरने से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के समय मकान के अंदर मौजूद एक महिला और दो पुरुष मलबे के नीचे दब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ (NDRF) और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों लोगों को सुरक्षित मलबे से बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। तीनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सभी की हालत सामान्य बताई जा रही है।
रात करीब 12:30 बजे अचानक ढह गया मकान
जानकारी के मुताबिक, घटना 30 अक्टूबर 2026 की देर रात करीब 12:30 बजे की है। छतारी थाना क्षेत्र के कस्बा छतारी स्थित आजाद रोड पर एक दो मंजिला निर्माणाधीन मकान अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। रात का समय होने के कारण आसपास के लोग अपने घरों में थे। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़ पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही पलों में मकान का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। लोगों ने जब मलबे में कुछ व्यक्तियों के दबे होने की जानकारी मिली तो तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद मौके पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।
महिला समेत तीन लोग मलबे में दबे
मकान गिरने के बाद एक महिला और दो पुरुष मलबे के नीचे दब गए थे। हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती स्तर पर स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया गया। हालांकि, मकान का मलबा काफी अधिक होने और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में विशेष सावधानी बरती गई।
प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया। इसके बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बचाव अभियान तेज कर दिया।
NDRF ने करीब 3 घंटे चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना बचाव दल के सामने बड़ी चुनौती थी। टीमों ने सावधानीपूर्वक मलबा हटाते हुए दबे हुए लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक चले अभियान के बाद आखिरकार महिला समेत तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू टीम की तत्परता से तीनों की जान बच गई। बाहर निकाले जाने के बाद उन्हें तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार कराया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, तीनों की हालत सामान्य बताई गई है।
हादसे के बाद इलाके में मचा हड़कंप
दो मंजिला मकान के अचानक गिरने की घटना से आजाद रोड और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल के आसपास लोगों की आवाजाही नियंत्रित की, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
मलबे को हटाने का काम अभी जारी है। प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मकान गिरने की वजह अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल निर्माणाधीन मकान के अचानक गिरने की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है। मकान के निर्माण की स्थिति, संरचना और अन्य संभावित कारणों की जांच के बाद ही हादसे की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन की ओर से भी घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा सकती है।
इस हादसे में सबसे राहत की बात यह रही कि मलबे में दबे तीनों लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यदि रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। फिलहाल मलबा हटाने का काम जारी है और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बुलंदशहर के छतारी में हुए इस हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
