दिल्ली में छठ महापर्व की तैयारी तेज, 1400 से ज्यादा घाट बनेंगे; 16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में छठ महापर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1400 से अधिक छठ घाट तैयार करने की योजना है। पिछले साल दिल्ली में 1326 घाट बनाए गए थे। इस बार घाटों की संख्या बढ़ाकर पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर छठ महापर्व की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाटों पर सुरक्षा, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
1400 से ज्यादा घाटों पर होगी पूजा की तैयारी
छठ महापर्व के दौरान दिल्ली में बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न घाटों और जलाशयों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से इस बार 1400 से अधिक घाट विकसित करने की तैयारी की जा रही है। घाटों पर साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाटों की शुरुआती तैयारियां 6 नवंबर तक पूरी कर ली जाएं। इसके अलावा पूजा से दो दिन पहले सभी प्रमुख व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश के निर्देश
छठ महापर्व के अवसर पर सोमवार, 16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। इससे पर्व के अंतिम दिन पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सार्वजनिक अवकाश से संबंधित अंतिम आदेश और लागू होने वाली शर्तों की पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना से की जानी चाहिए।
13 से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा छठ महापर्व
इस वर्ष छठ महापर्व 13 नवंबर से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा। चार दिवसीय इस पर्व में व्रती सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना करते हैं। पर्व के दौरान अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने और अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है।
दिल्ली में पूर्वांचल और बिहार मूल के लोगों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु छठ पूजा में भाग लेते हैं। ऐसे में घाटों पर भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, रोशनी, पेयजल और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण रहती हैं।
प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी प्रमुख घाटों पर समय रहते तैयारियां पूरी कर ली जाएं, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूजा कर सकें। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि छठ महापर्व से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी समस्या का समय रहते समाधान किया जाए।
नोट: यह खबर उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। सार्वजनिक अवकाश और घाटों की संख्या से जुड़ी अंतिम स्थिति के लिए दिल्ली सरकार की आधिकारिक घोषणा देखना उचित होगा।
