October 29, 2026

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मेरठ में अवैध कॉलोनियों और निर्माण की जांच करने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुधांशु धूलिया

मेरठ में अवैध कॉलोनियों और निर्माण की जांच करने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुधांशु धूलिया

मेरठ में अवैध कॉलोनियों और निर्माणों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित न्यायिक आयोग सक्रिय हो गया है। आयोग के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया मेरठ पहुंचे हैं। वह शहर के उल्देपुर क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विकसित हुई सैकड़ों कथित अवैध कॉलोनियों की जांच करेंगे। इसके साथ ही मेरठ में अवैध निर्माणों की स्थिति का भी जायजा लिया जाएगा।

उल्देपुर में बनी कॉलोनियों की होगी जांच

मेरठ के उल्देपुर क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से आवासीय कॉलोनियों का विस्तार हुआ है। इन कॉलोनियों के निर्माण और विकास को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब न्यायिक आयोग इनकी जांच करेगा। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में कॉलोनियां विकसित की गई हैं और उनके निर्माण में संबंधित नियमों का पालन किया गया है या नहीं।

इसके अलावा शहर में कितने अवैध निर्माण मौजूद हैं, उनकी प्रकृति क्या है और संबंधित विभागों की ओर से नियमों के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई की गई है, जैसे बिंदु भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि, जांच के निष्कर्ष और आयोग की ओर से सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने गठित किया था न्यायिक आयोग

मेरठ में अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों से जुड़े मामलों की पड़ताल के लिए सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक आयोग का गठन किया था। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया को इस आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। आयोग का उद्देश्य मेरठ में अवैध निर्माणों और कॉलोनियों से जुड़े मामलों की जांच करना तथा संबंधित परिस्थितियों की जानकारी जुटाना है।

इस जांच को शहर के नियोजित विकास, भवन निर्माण नियमों के पालन और संबंधित सरकारी विभागों की भूमिका के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

सेंट्रल मार्केट प्रकरण से जुड़ा है मामला

मेरठ में अवैध निर्माणों की जांच का यह मामला सेंट्रल मार्केट प्रकरण की पृष्ठभूमि में भी महत्वपूर्ण है। शहर के सेंट्रल मार्केट में निर्माणों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी चर्चा में रही है।

सेंट्रल मार्केट प्रकरण ने मेरठ में भवन निर्माण नियमों, व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर व्यापक बहस छेड़ी है। ऐसे में न्यायिक आयोग की जांच को शहर के अन्य क्षेत्रों में हुए निर्माणों की स्थिति समझने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

जांच पर टिकी शहरवासियों की नजर

न्यायिक आयोग की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मेरठ में अवैध कॉलोनियों और निर्माणों की वास्तविक स्थिति क्या है। साथ ही, यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच में संबंधित विभागों की भूमिका और नियमों के पालन से जुड़े कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।

फिलहाल, आयोग की जांच और उसके निष्कर्षों पर शहरवासियों, कॉलोनाइजरों तथा संबंधित विभागों की नजर रहेगी। जांच के बाद सामने आने वाली आधिकारिक रिपोर्ट से ही अवैध निर्माणों की स्थिति और आगे की कार्रवाई को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

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