मेरठ। मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र के न्यू इस्लाम नगर में स्क्रैप कारोबारी हारून पर सरेबाजार दिनदहाड़े 10 से ज्यादा राउंड फायरिंग किए जाने के मामले में आरोपी बताए जा रहे रविश ने अब खुद SSP कार्यालय पहुंचकर अपनी बेगुनाही की बात कही। पुलिस को इसकी जानकारी मिलते ही रविश को हिरासत में लेकर संबंधित थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
मामला ₹24 लाख की कमेटी के विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। फायरिंग में हारून को पेट में दो और पैर में एक गोली लगी थी। गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नमाज पढ़कर लौट रहे कारोबारी पर ताबड़तोड़ फायरिंग
बताया गया कि शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे खलचूरी कारोबारी इरशाद, रविश और फिरोज ने नमाज पढ़कर घर लौट रहे स्क्रैप कारोबारी हारून पर कथित तौर पर पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
घटना के दौरान 10 से ज्यादा राउंड फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। गोली लगने से हारून गंभीर रूप से घायल हो गया।
वारदात मस्जिद से करीब 200 मीटर की दूरी पर हुई। शुक्रवार को जुमे की नमाज के चलते इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती थी। इसके बावजूद हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।
₹24 लाख की कमेटी को लेकर था विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हारून आरोपियों से कमेटी के करीब 24 लाख रुपये मांग रहा था। इसी रकम को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था।
पुलिस अब फायरिंग की वजह, घटना में शामिल लोगों और हथियारों के संबंध में जांच कर रही है।
आरोपी रविश खुद पहुंचा SSP ऑफिस
फायरिंग के मामले में आरोपी बताए जा रहे रविश के SSP ऑफिस पहुंचने से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। बताया जा रहा है कि रविश ने अधिकारियों के सामने अपनी बेगुनाही की बात रखी और मामले में अपना पक्ष बताने की कोशिश की।
पुलिस को जब उसके SSP कार्यालय में मौजूद होने की जानकारी मिली तो उसे हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद उसे संबंधित थाना पुलिस को सौंप दिया गया।
अब पुलिस रविश से पूछताछ कर रही है और फायरिंग की घटना में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दी दबिश
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस फायरिंग से जुड़े साक्ष्यों को भी जुटा रही है।
मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां से आया, घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था और ₹24 लाख के विवाद में फायरिंग की पूरी वजह क्या थी।
फिलहाल रविश को आरोपी के रूप में पुलिस हिरासत में लिया गया है। उसकी भूमिका जांच का विषय है और अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने तक उसे दोषी नहीं माना जा सकता।





