वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत पर परिवार के सवाल, आश्रम में मिलने नहीं देने का दावा
रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों ने उठाए सवाल, मामले की जांच जारी
वृंदावन (मथुरा)। वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद परिवार ने कई सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे रात करीब 3 बजे आश्रम पहुंचे, लेकिन सुबह तक उन्हें घटना को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
परिवार के अनुसार, रसिक दुलारी शरण के साथ हुई घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन रात में ही वृंदावन पहुंचे थे। उनका दावा है कि आश्रम पहुंचने के बाद भी उन्हें काफी देर तक स्थिति की पूरी जानकारी नहीं मिल सकी।
परिजनों ने यह भी दावा किया है कि दीक्षा लेने के बाद वे कई बार रसिक दुलारी शरण से मिलने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्हें मुलाकात नहीं करने दी गई। परिवार का कहना है कि पिछले कुछ समय से वे अपने परिजन से संपर्क और मुलाकात को लेकर परेशान थे।
मौत की परिस्थितियों को लेकर परिजनों ने सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए, ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। आश्रम प्रबंधन या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है तो उससे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
