वृंदावन में संत प्रेमानंद के आश्रम की बदली व्यवस्था: दाढ़ी और लंबे बाल पर रोक, संत प्रेमानंद का एक और बड़ा फैसला, ड्रेस कोड लागू करने के बाद फिर बैठक
वृंदावन | वृंदावन में संत प्रेमानंद के आश्रम श्रीराधा केलिकुंज की व्यवस्थाओं में लगातार बदलाव हो रहे हैं। 25 सितंबर को 25 वर्षीय शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हुई है। पुलिस इस मामले में आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। इसी बीच संत प्रेमानंद ने आश्रम की व्यवस्था को लेकर लगातार कई फैसले लिए हैं।
बताया जा रहा है कि रसिक दुलारी शरण ने श्रीराधा केलिकुंज आश्रम से कुछ दूरी पर स्थित गुरुकृपा कुंज अपार्टमेंट में पहले टाइल्स काटने वाले ग्राइंडर से अपना गुप्तांग काटा और इसके बाद अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। घटना में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद आश्रम की व्यवस्था और वहां रहने वाले शिष्यों से जुड़े नियमों को लेकर भी सवाल उठे।
इसके बाद मंगलवार को आश्रम की ओर से शिष्यों की अंतिम दीक्षा और आश्रम में उनकी उपस्थिति पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई। अगले दिन बुधवार को शिष्यों के पहनावे को लेकर नए निर्देश जारी किए गए।
अब गुरुवार को संत प्रेमानंद ने अपने प्रमुख शिष्यों के साथ बैठक की। यह बैठक उनके यमुना पार जहांगीरपुर स्थित नए आश्रम में हुई। बैठक में आश्रम की सेवा, शिष्यों की दिनचर्या और व्यवस्थाओं को लेकर मंथन किया गया।
अब लंबे बाल और दाढ़ी नहीं बढ़ा सकेंगे शिष्य
बैठक में सबसे अहम फैसलों में से एक शिष्यों के बाल और दाढ़ी को लेकर है। आश्रम की किसी भी सेवा या व्यवस्था से जुड़े शिष्य अब लंबे बाल और लंबी दाढ़ी नहीं बढ़ा सकेंगे। यानी सेवा में लगे शिष्यों को निर्धारित स्वरूप में रहना होगा।
इसके अलावा गृहस्थ शिष्यों के पहनावे को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। बताया गया है कि केलिकुंज शिष्य परिवार या संत प्रेमानंद की निजी सेवा में लगे गृहस्थ शिष्य ही पीला और सफेद अचला पहन सकेंगे।
वहीं, अन्य गृहस्थ शिष्यों और आश्रम की सेवा से जुड़े लोगों के लिए सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनना अनिवार्य किया गया है। सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति संतों और आश्रम से जुड़े विरक्त शिष्यों के लिए रखी गई है।
दीक्षा और दर्शन की व्यवस्था भी बदली
आश्रम की ओर से दीक्षा, उपस्थिति और संत प्रेमानंद के दर्शन को लेकर भी कुछ नए कदम उठाए गए हैं। आश्रम की जानकारी के मुताबिक इन व्यवस्थाओं को आने वाले समय में और व्यवस्थित किया जाएगा।
यानी जो लोग संत प्रेमानंद से दीक्षा लेने या उनके दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचने की योजना बना रहे हैं, उन्हें पहले की तुलना में बदली हुई व्यवस्था का सामना करना पड़ सकता है।
पिछले तीन दिनों में आश्रम की व्यवस्थाओं में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। मंगलवार को अंतिम दीक्षा और आश्रम में उपस्थिति को लेकर फैसला हुआ, बुधवार को पहनावे से जुड़े निर्देश आए और गुरुवार को प्रमुख शिष्यों के साथ बैठक कर सेवा व्यवस्था पर मंथन किया गया।
फिलहाल रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में पुलिस जांच जारी है। वहीं, आश्रम में किए गए नए बदलावों का असर आने वाले दिनों में साफ तौर पर दिखाई देगा।
