October 3, 2026

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कृष्ण कुमार खन्ना की स्मृति सभा में गूंजे गांधीवादी विचार, भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प

कृष्ण कुमार खन्ना की स्मृति सभा में गूंजे गांधीवादी विचार, भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का संकल्प

मेरठ, 2 अक्टूबर 2026। गांधी जयंती के अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी, लोकतंत्र सेनानी, गांधीवादी विचारक एवं सर्वोदय साधक स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार खन्ना की स्मृति में स्मृति एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित अटल सभागार, मेरठ में किया गया। कार्यक्रम में मेरठ सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों तथा गांधीवादी विचारधारा के अनुयायियों ने हिस्सा लिया और स्वर्गीय खन्ना के जीवन, संघर्ष एवं विचारों को श्रद्धापूर्वक याद किया।

कार्यक्रम का आयोजन जिला सर्वोदय मंडल, मेरठ के तत्वावधान में किया गया। सभा का संचालन डॉ. स्नेहवीर पुंडीर ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय कृष्ण कुमार खन्ना के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। उपस्थित लोगों ने उनके जीवन और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उनके अधूरे कार्यों तथा गांधीवादी विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

वक्ताओं ने कहा कि कृष्ण कुमार खन्ना का जीवन केवल स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों तक सीमित नहीं था। स्वतंत्रता के बाद भी उन्होंने भ्रष्टाचार, अन्याय और व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ लगातार आवाज उठाई। उपलब्ध प्रकाशित विवरणों के अनुसार उन्होंने सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध लंबे समय तक जनजागरण अभियान चलाया। उन्होंने न्यायालयों और सरकारी कार्यालयों में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि उन्होंने अपने सामाजिक संघर्ष को किसी व्यक्तिगत लाभ या राजनीतिक पद से नहीं जोड़ा। सत्य, अहिंसा, नैतिकता, पारदर्शिता और अंतिम व्यक्ति के अधिकार उनके सार्वजनिक जीवन के प्रमुख आधार रहे। मेरठ में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके लंबे संघर्ष का उल्लेख पूर्व में प्रकाशित विभिन्न समाचार रिपोर्टों में भी किया गया है।

सभा में वक्ताओं ने कृष्ण कुमार खन्ना को केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और गांधीवादी विचारधारा के प्रतिनिधि के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि खन्ना ने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया, जेल यातनाएं सहीं और देश की आजादी के बाद भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा भ्रष्टाचार के विरोध को अपने जीवन का उद्देश्य बनाए रखा।

विभाजन के दौर में पाकिस्तान से भारत आने के बाद मेरठ को उन्होंने अपनी कर्मभूमि बनाया। इसके बाद जीवन के अंतिम पड़ाव तक वे सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़े रहे। उनके स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े जीवन, विभाजन के अनुभव और सामाजिक संघर्ष का उल्लेख पूर्व प्रकाशित विवरणों में भी मिलता है।

वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में जब सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर लगातार चर्चा होती है, ऐसे समय में कृष्ण कुमार खन्ना का जीवन नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणा है। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से यह संदेश दिया कि व्यवस्था में बदलाव केवल भाषणों से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत ईमानदारी, निरंतर जनजागरण और लोकतांत्रिक तरीके से किए गए सामाजिक हस्तक्षेप से संभव है।

कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और वरिष्ठ शिक्षाविदों सहित अनेक विशिष्ट लोगों की उपस्थिति रही। वक्ताओं ने राजनीतिक और सामाजिक मतभेदों से ऊपर उठकर स्वर्गीय खन्ना के गांधीवादी एवं सर्वोदय विचारों को याद किया।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि कृष्ण कुमार खन्ना की विशेषता यह थी कि उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों को केवल पढ़ा और समझा ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन और सामाजिक कार्यों में उतारने का प्रयास किया। सत्य और अहिंसा उनके लिए केवल विचार या शब्द नहीं थे, बल्कि सार्वजनिक जीवन में अपनाई जाने वाली कार्यपद्धति थे। उन्होंने अन्याय के सामने समझौता करने के बजाय शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का रास्ता अपनाया।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसी महान व्यक्तित्व को सच्ची श्रद्धांजलि केवल उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करने से नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपने आचरण में उतारने से होती है। इसी भावना के साथ उपस्थित लोगों ने भ्रष्टाचार और सामाजिक अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक एवं अहिंसक संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। साथ ही समाज में सत्य, नैतिकता, पारदर्शिता और मानवीय संवेदना को मजबूत करने की बात कही गई।

सभा के अंत में वक्ताओं ने कहा कि कृष्ण कुमार खन्ना भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उनका संघर्ष और उनकी गांधीवादी चेतना समाज में लंबे समय तक जीवित रहेगी। मेरठ की सामाजिक चेतना और सर्वोदय परंपरा में उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां भी याद करेंगी।

स्वर्गीय कृष्ण कुमार खन्ना की स्मृति में आयोजित यह सभा केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके जीवन, संघर्ष और विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प समारोह भी बनी। उपस्थित लोगों ने सत्य, अहिंसा, सर्वोदय और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके संघर्ष की मशाल को आगे ले जाने का संकल्प लिया।

“खन्ना जी अमर रहें, उनके विचार अमर रहें और सत्य, अहिंसा, सर्वोदय तथा भ्रष्टाचार-विरोध की उनकी मशाल निरंतर जलती रहे।”

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