मेरठ: बटावली में केमिकल फैक्ट्री बंद, दूषित पानी की शिकायत पर जांच; ग्रामीणों ने कैंसर से मौत का लगाया आरोप
मेरठ: बटावली में केमिकल फैक्ट्री बंद, दूषित पानी की शिकायत पर जांच; ग्रामीणों ने कैंसर से मौत का लगाया आरोप
बहसूमा (मेरठ): मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के गांव बटावली में केमिकल फैक्ट्री से उठ रही दुर्गंध और नलों के पानी के दूषित होने की शिकायत को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा किया। ग्रामीणों ने फैक्ट्री से निकलने वाले रासायनिक पानी से भूजल प्रदूषित होने की आशंका जताते हुए इसे स्थायी रूप से बंद कराने की मांग की। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार मवाना और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने फैक्ट्री परिसर व ग्रामीणों के घरों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। प्रशासन ने फिलहाल फैक्ट्री बंद करा दी है।
15 परिवारों के नलों का पानी दूषित होने का आरोप
ग्रामीण ग्राम प्रधान गुरु वचन के आवास पर एकत्र हुए और फैक्ट्री के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से लगातार दुर्गंध उठती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। उनका दावा है कि फैक्ट्री के आसपास रहने वाले करीब 15 परिवारों के नलों से आने वाला पानी दूषित हो गया है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि फैक्ट्री से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी जमीन में पहुंचकर भूजल को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से पानी की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और फैक्ट्री के संचालन की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
ग्रामीणों ने कैंसर से कई मौत होने का किया दावा
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पिछले चार से पांच वर्षों से दूषित पानी की समस्या बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान कई लोग कैंसर से पीड़ित हुए हैं और महिलाओं समेत कई लोगों की मौत हुई है। ग्रामीणों ने इन घटनाओं को पानी की गुणवत्ता से जोड़ने की आशंका जताते हुए प्रभावित परिवारों की स्थिति की जांच कराने की मांग की।
हालांकि, दूषित पानी और कैंसर के मामलों के बीच संबंध की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसकी पुष्टि के लिए पानी की जांच के साथ स्वास्थ्य संबंधी तथ्यों की भी जांच जरूरी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लिए पानी के नमूने
ग्रामीणों के हंगामे की सूचना पर तहसीलदार मवाना निरंकार सिंह और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने फैक्ट्री परिसर और ग्रामीणों के नलों से पानी के नमूने एकत्र किए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
तहसीलदार निरंकार सिंह के अनुसार, मौके पर गैस रिसाव की पुष्टि नहीं हुई। दुर्गंध की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नमूने लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना एनओसी के फैक्ट्री संचालित नहीं होने दी जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने फैक्ट्री बंद करा दी है।

अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजरें
बटावली के ग्रामीणों को पानी की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट से पानी की गुणवत्ता और संभावित प्रदूषण की स्थिति स्पष्ट होने में मदद मिलेगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच निष्पक्ष हो और यदि फैक्ट्री से प्रदूषण की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
📍 KahoApp – मेरठ और आसपास की हर बड़ी खबर।
