भदोही को ₹1,340 करोड़ की सौगात, 112 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास; काशी नरेश PG कॉलेज बनेगा विश्वविद्यालय
भदोही: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले के विकास को नई गति देने के लिए ₹1,340 करोड़ से अधिक लागत की 112 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी हितलाभ वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में भदोही लगातार विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने जिले के विकास, रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा और धार्मिक विरासत से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।
काशी नरेश PG कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही के काशी नरेश पीजी कॉलेज को विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दिए जाने की घोषणा की। सरकार के इस फैसले से जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
नौकरी में सेंध लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई
सीएम योगी ने कहा कि जो भी व्यक्ति युवाओं की नौकरी में सेंध लगाने का प्रयास करेगा, उसके लिए जेल के दरवाजे खुले हैं और उसकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी।
उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल और जहन्नुम के रास्ते खुले रहेंगे।
विरासत, तीर्थ और आस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रदेश की विरासत का संरक्षण करने के साथ-साथ तीर्थ स्थलों का विकास और लोगों की आस्था का सम्मान करने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि विकास किसी एक वर्ग या क्षेत्र तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भदोही को सद्गुरु रविदास जी महाराज के नाम से पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
भदोही में इंडिया कारपेट एक्सपो का शुभारंभ
भदोही में एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हस्तनिर्मित कालीन व्यापार मेलों में शामिल ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ के स्वर्ण जयंती संस्करण का भी शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और प्रमुख उद्यमियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि जिन हाथों ने सदियों से कालीन बुनने की परंपरा को आगे बढ़ाया है, उनमें अब नई तकनीक और आधुनिक डिजाइन का समावेश भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कालीन कारीगरों के हुनर, कला और उनकी साधना को पहचान दिलाने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। इससे उद्योग को नए बाजार और बेहतर डिजाइन का लाभ मिला है।
कालीन उद्योग से भदोही को मिली वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही की कालीन कला आज केवल स्थानीय पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार पैदा कर रही है, निर्यात बढ़ा रही है और युवाओं को अवसर दे रही है।
उन्होंने कहा कि कालीन उद्योग ने भदोही को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ की 50 वर्षों की यात्रा से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। साथ ही निर्यातकों, विक्रेताओं, उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को शुभकामनाएं दीं।
अब आगे क्या?
₹1,340 करोड़ से अधिक की 112 परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ भदोही में विकास की कई योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। वहीं काशी नरेश पीजी कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने से जिले के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए रास्ते खुल सकते हैं। दूसरी ओर, कालीन उद्योग को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने की कोशिश भदोही की पारंपरिक कला को और मजबूत कर सकती है।
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