IAS छोड़ने के बाद दिव्या मित्तल का बड़ा ऐलान, अब राजनीति में उतरेंगी; बोलीं- दफ्तरों में जिनकी बात नहीं सुनी जाती, उनकी आवाज बनूंगी
लखनऊ: 2013 बैच की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के कुछ ही दिनों बाद अपने अगले कदम का ऐलान कर दिया है। दिव्या मित्तल ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर करीब 10 मिनट का एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा की और कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी बात सरकारी दफ्तरों में नहीं सुनी जाती।
दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को IAS सेवा से इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा 14 सितंबर को स्वीकार किया गया और 15 सितंबर से प्रभावी हुआ। इसके करीब दो सप्ताह बाद उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने की घोषणा की है।
किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होंगी दिव्या मित्तल
अपने वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ने नहीं जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी अलग राह बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगी और लोगों के साथ मिलकर काम करेंगी।
उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी व्यवस्था में कई ऐसे लोग हैं, जिनकी समस्याएं दफ्तरों तक पहुंचती ही नहीं हैं या पहुंचने के बाद भी उनका समाधान नहीं हो पाता। उनका कहना है कि वह ऐसे लोगों की आवाज बनना चाहती हैं।
दिव्या मित्तल ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति या नेता को बदलना नहीं है, बल्कि राजनीति में काम करने के तरीके को बदलने की कोशिश करना है।
‘ऊपर से मना किया गया है’… दिव्या ने सुनाया प्रशासनिक अनुभव
वीडियो में दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक कार्यकाल का एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने राजस्व विभाग में विशेष सचिव रहते हुए एक भूमिहीन व्यक्ति से जुड़ा मामला बताया।
उनके मुताबिक, संबंधित व्यक्ति को सरकारी जमीन का पट्टा मिलने के बावजूद जमीन पर कब्जा नहीं मिल पा रहा था। शिकायत उनके पास पहुंचने के बाद उन्होंने दस्तावेजों की जांच कराई। दिव्या के अनुसार, मामले में संबंधित रिपोर्ट सही नहीं पाई गई और कार्रवाई भी की गई।
हालांकि, जमीन पर कब्जा दिलाने के सवाल पर उन्हें कथित तौर पर जवाब मिला कि ‘ऊपर से मना किया गया है।’
दिव्या मित्तल ने इसी अनुभव के आधार पर सवाल उठाया कि आखिर यह ‘ऊपर’ कौन है? उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार सबसे ऊपर जनता है, फिर किसी व्यक्ति को अपने अधिकार और न्याय के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर क्यों लगाने पड़ें?
सिस्टम की खामियों पर उठाए सवाल
अपने करीब 10 मिनट के वीडियो में पूर्व IAS अधिकारी ने प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें ऐसे कई मामले देखने को मिले, जहां नियम और व्यवस्था होने के बावजूद लोगों को उसका लाभ नहीं मिल पाया।
उन्होंने स्कूल, जमीन, सड़क, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। दिव्या मित्तल ने कहा कि व्यवस्था में बदलाव के लिए केवल अधिकारियों के स्तर पर काम करना पर्याप्त नहीं है और इसी सोच के साथ वह अब राजनीति में आने का फैसला कर रही हैं।
‘डरूंगी नहीं, सवाल करूंगी’
दिव्या मित्तल ने अपने संदेश में कहा कि वह उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि मानती हैं और अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत भी यहीं से करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह डरने के बजाय सवाल करेंगी और लोगों के साथ मिलकर काम करेंगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर उन्हें लगता है कि उनकी भी बात कहीं नहीं सुनी जा रही है, तो वे उनसे सीधे संपर्क करें। वीडियो संदेश के साथ उन्होंने लोगों के लिए एक WhatsApp नंबर भी साझा किया है।
अब देखना यह होगा कि पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल की यह स्वतंत्र राजनीतिक पहल आगे किस रूप में सामने आती है और वह किस तरह का राजनीतिक मंच तैयार करती हैं।
