यूपी की राजनीति में हलचल: सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने भाजपा में शामिल होने का किया ऐलान, करीब 1000 जनप्रतिनिधियों के आने का दावा
यूपी की राजनीति में हलचल: सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने भाजपा में शामिल होने का किया ऐलान, करीब 1000 जनप्रतिनिधियों के आने का दावा
अमेठी, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत मिले हैं। अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक राकेश प्रताप सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की घोषणा की है। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और पूर्व जनप्रतिनिधि भी भाजपा की सदस्यता लेंगे।
राकेश प्रताप सिंह ने अपने बयान में क्षेत्र के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनके समर्थकों ने उनसे भाजपा में शामिल होने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे इस फैसले में उनके साथ खड़े हैं।
करीब 1000 जनप्रतिनिधियों के शामिल होने का दावा
सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि उनके साथ विधायक विनोद चतुर्वेदी और अभय सिंह भी भाजपा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ करीब 1000 ऐसे लोग भाजपा की सदस्यता लेंगे, जो वर्तमान या पूर्व जनप्रतिनिधि हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम में लगभग एक दर्जन विधायक मंच पर मौजूद रहेंगे। हालांकि, उनके साथ भाजपा में शामिल होने वाले सभी लोगों की संख्या और नामों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
सपा के बूथ स्तर के संगठन पर भी किया दावा
राकेश प्रताप सिंह ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में लगभग 98 प्रतिशत ऐसे लोग, जो बूथ जिताने या हारने में भूमिका निभाते थे, समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेंगे।
यह दावा उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा है। इसकी वास्तविक स्थिति की पुष्टि संबंधित नेताओं और पार्टी संगठनों की ओर से होना बाकी है।
यूपी की राजनीति पर क्या होगा असर?
राकेश प्रताप सिंह के इस ऐलान से अमेठी और आसपास के क्षेत्रों की राजनीति में चर्चा तेज हो सकती है। यदि बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उनके साथ भाजपा में शामिल होते हैं, तो इसका असर स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। हालांकि, इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन आधिकारिक सदस्यता कार्यक्रम और शामिल होने वाले नेताओं की पुष्टि के बाद ही किया जा सकेगा।
