रुद्रा कॉलेज ऑफ लॉ में मूट कोर्ट प्रैक्टिस एवं एडवोकेसी स्किल प्रोग्राम-2026 आयोजित, विद्यार्थियों ने सीखे वकालत के गुर
मवाना के रुद्रा कॉलेज ऑफ लॉ में आयोजित मूट कोर्ट प्रैक्टिस एवं एडवोकेसी स्किल प्रोग्राम 2026
मवाना। रुद्रा कॉलेज ऑफ लॉ में विधि के विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान और पेशेवर कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से मूट कोर्ट प्रैक्टिस एवं एडवोकेसी स्किल प्रोग्राम-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को न्यायालय की कार्यप्रणाली, कानूनी तर्क-वितर्क और प्रभावी ढंग से अपना पक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वकालत से संबंधित व्यावहारिक दक्षता, कानूनी शोध, तार्किक क्षमता और प्रस्तुतीकरण कौशल विकसित करना रहा। इस दौरान विद्यार्थियों को मूट कोर्ट की प्रक्रिया, केस की तैयारी, कानूनी तथ्यों का विश्लेषण तथा प्रासंगिक कानूनों और न्यायिक निर्णयों के अध्ययन के बारे में जानकारी दी गई।
कानूनी तर्क-वितर्क और प्रस्तुतीकरण पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को समझाया गया कि न्यायालय में प्रभावी ढंग से पक्ष रखने के लिए कानूनी प्रावधानों की जानकारी के साथ तथ्यों का सही विश्लेषण और तर्कपूर्ण प्रस्तुतीकरण भी आवश्यक है। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से अपने विधिक ज्ञान एवं संचार कौशल को निखारने का अवसर प्राप्त किया।
प्राचार्या डॉ. उर्मिला मोरल ने बताया व्यावहारिक शिक्षा का महत्व
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. उर्मिला मोरल ने कहा कि विधि के विद्यार्थियों के लिए केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उन्हें न्यायालयीन प्रक्रियाओं की समझ, आत्मविश्वास, तार्किक क्षमता और प्रभावी संवाद कौशल भी विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य में कुशल एवं जिम्मेदार अधिवक्ता बनने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में रुद्रा कॉलेज ऑफ लॉ के डीन तालिब चौधरी, सहायक प्रोफेसर रीना अंसारी तथा कशिश और महक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कानूनी शिक्षा के व्यावहारिक पहलुओं को समझने और भविष्य में पेशेवर जिम्मेदारियों के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर मिला।
