मेरठ: बेटियाँ फाउंडेशन ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को डिजिटल साक्षरता के प्रति किया जागरूक
मेरठ। महिलाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बेटियाँ फाउंडेशन ने सबल मिशन महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के अंतर्गत डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किया। सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सीसीएस विश्वविद्यालय परिसर, गढ़ रोड, मेरठ में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्नति महिला खेल स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्यों को डिजिटल तकनीक के उपयोग और ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को मोबाइल और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता तथा साइबर सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। प्रशिक्षक अग्रिम गौड़ ने डिजिटल साक्षरता की बारीकियों को समझाते हुए बताया कि आधुनिक समय में डिजिटल तकनीक की जानकारी महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी है। इसके माध्यम से वे विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं और अपने दैनिक कार्यों को अधिक आसानी से पूरा कर सकती हैं।
डिजिटल ज्ञान से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगी महिलाएं
बेटियाँ फाउंडेशन की अध्यक्ष अंजु पाण्डेय ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के तकनीकी कौशल को विकसित करना, उनमें डिजिटल जागरूकता बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में डिजिटल साक्षरता का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में महिलाओं को तकनीक की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास करना आवश्यक है।
फाउंडेशन की कोऑर्डिनेटर कुसुम शर्मा ने कहा कि डिजिटल साक्षरता महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दे सकती है। ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी होने से महिलाएं डिजिटल सुविधाओं का बेहतर उपयोग कर सकती हैं। इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और वे बदलते तकनीकी दौर के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकती हैं।
SPEFL-SC के लिए आयोजित हुआ कार्यक्रम
यह कार्यक्रम SPEFL-SC (Sports, Physical Education, Fitness and Leisure Skills Council) के लिए आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को डिजिटल तकनीक के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ ऑनलाइन सेवाओं को समझने और उनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में स्वयं सहायता समूह के प्रभारी प्रशांत गुप्ता ने बेटियाँ फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने महिलाओं के हित में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने का आग्रह किया।
बेटियाँ फाउंडेशन की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल रूप से जागरूक बनाकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें आधुनिक तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाना है।
