मेरठ में नकली सिगरेट फैक्ट्री पर रेड के बाद रिश्वतखोरी के आरोप, 20 लाख के जिक्र वाला वीडियो सामने आने से मचा हड़कंप
मेरठ नकली सिगरेट फैक्ट्री
मेरठ में नकली सिगरेट फैक्ट्री पर पुलिस की छापेमारी के बाद अब रिश्वतखोरी के आरोपों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। 3 सितंबर को हुई कार्रवाई में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की नकली सिगरेट पकड़े जाने की बात सामने आई थी। अब इस मामले में कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की भूमिका और स्थानीय गैंग को बचाने के आरोपों की जांच की जा रही है। हस्तिनापुर थानेदार कमल द्विवेदी, SOG इंचार्ज शैलेन्द्र तोमर घिरे
कॉलेज की इमारत में चल रही थी नकली सिगरेट फैक्ट्री
जानकारी के मुताबिक, नकली सिगरेट बनाने की फैक्ट्री एक डिग्री कॉलेज की इमारत में संचालित हो रही थी। 3 सितंबर को इलाके के थानेदार और देहात स्वाट प्रभारी की टीमों ने यहां छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की नकली सिगरेट बरामद करने का दावा किया था।
इस मामले में दिल्ली के एक व्यक्ति को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। हालांकि, आरोप लगाए जा रहे हैं कि कार्रवाई के दौरान स्थानीय स्तर पर सक्रिय पूरे नेटवर्क के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
20 लाख रुपये के जिक्र वाला कथित वीडियो आया सामने
मामले में अब 20 लाख रुपये के कथित लेनदेन का जिक्र करने वाला एक वीडियो सामने आने की बात कही जा रही है। इस वीडियो को लेकर पुलिस विभाग में हलचल बढ़ गई है। आरोप हैं कि नकली सिगरेट के कारोबार से जुड़े लोगों को बचाने के लिए कथित तौर पर बड़ी रकम का खेल हुआ।
हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता, उसमें किए गए दावों और कथित लेनदेन की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल किसी पुलिस अधिकारी की रिश्वतखोरी में संलिप्तता को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
DIG कलानिधि नैथानी ने शुरू कराई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी ने गैर-सर्किल के CO सरधना आशुतोष से जांच शुरू कराई है। जांच में छापेमारी की कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी, स्थानीय नेटवर्क की भूमिका और कथित वीडियो में किए गए दावों की पड़ताल अहम मानी जा रही है।
अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
